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सिलसिले

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्यों न गढ़ लें बहाने नए
        
                                                    
                            
क्यों न नई शुरूआत हो
जहाँ से टूटे थे सिलसिले
वहीं से शुरू बात हो

बीते दिनों की याद में
एक नई मुलाकात हो
मैं फिर उसी दर्द से गुज़रूँ
तुम फिर मेरी दवा हो ।

 
2 महीने पहले
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