आसमां के श्यामपटल पर
ये छोटे छोटे उदीप्त दीपक
जाने कब से चमक रहे हैं
कभी न बुझने वाले नक्षत्र
अंधकार को दूर भगाने को
प्रतिदिन होते हैं दृष्टिगोचर
मानो रख कर भूल गया है
नभ में कोई इनको गढ़कर।
-मं शर्मा