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प्रेम प्रसंग

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रेम था
        
                                                    
                            
चल दिया
मंज़िल होता तो
ठहर जाता

प्रेम था
छल गया
निस्वार्थ होता तो
कृतार्थ हो जाता

प्रेम था
अधूरा रह गया
समर्पण होता तो
संपूर्ण हो जाता।
-मं शर्मा 
2 महीने पहले
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