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लकीरें

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तूने ही खींचीं तू ही न पढ़ सका था
        
                                                    
                            
जो मिल गया नसीब समझा था
अदना सा बंदा क्या ही समझता
लकीरों के खेल में तू ही कुशल था।
-मं शर्मा
3 घंटे पहले
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