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हदबंदियाँ

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये खामोशियाँ
        
                                                    
                            
ये चुप्पियाँ
ये जुबां पर जड़ी
नज़रबंदियाँ

बाग़ी करके छोड़ेंगी
सबर के खिलाफ
मेरे आक्रोश की
हदबंदियाँ ।
2 महीने पहले
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