विज्ञापन

सच में झूठ की मिलावट बहुत है

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सच में झूठ की मिलावट बहुत है
        
                                                    
                            
लहजे में कोरी बनावट बहुत है
हाथों हाथ बिक रही अफवाहें
कहते हैं धंधे में गिरावट बहुत है।
-मं शर्मा 
14 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Bajrang Lal

19 कविताएं

View Profile

Updesh Kumar

12655 कविताएं

View Profile