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बारिश पे पाबंदियाँ

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये मनमर्जियां
        
                                                    
                            
ये ज्यादतियाँ
निष्ठुर बादलों की
बारिश पे पाबंदियाँ

बंजर करके छोड़ेंगी
मेरे आगोश को
अतिरेक के खिलाफ
मेरे जोश को।
-मं शर्मा
3 महीने पहले
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