प्रीत के आह्वाहन में
प्रेममय समर्पण से
नन्हीं कली खिली थी
ममता के आँगन पली थी
खिलके पुष्प हुई जब
चर्चा हुई दूर तलक
अपनों को भी खली तब
भेज दी पराए घर
अजब अनोखी रीत थी
जाने किसने बनाई थी
माली ने अपनी पंखुड़ी
पल में कर दी पराई थी।
-मं शर्मा