विज्ञापन

रूठे हैं रिश्ते

Manju Anand

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रूठे हैं रिश्ते,
        
                                                    
                            
या फिर दूर हो गए हैं सदा के लिए,
किसे पता कितने मजबूर हो गए हैं,
अहम अभिमान ने रोके हैं कदम इनके,
या फिर हालात के हाथों की,
कठपुतली बन कर रह गए हैं,
रूठे हैं रिश्ते।
2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all