आज ज़िंदगी ने पूछा एक सवाल मुझसे,
बताओ उम्र भर तुमने क्या कमाया है,
मै बोली रिश्ते,
रिश्ते कमाए हैं मेने उम्र भर,
हँसी वो खिलखिला कर और बोली,
ज़रा दिखलाओ तो सही अपनी कमाई की बचत,
हिसाब लगाया बहुत दिमाग खपाया मैंने,
कमाया तो बहुत था मगर बचत शुन्य निकली,
मैं हैरान थी मौन थी,
ज़िंदगी खिलखिलाती रही देर तक,
आज ज़िंदगी ने पूछा एक सवाल मुझसे।