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दिल का दरवाज़ा

Manish Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दस्तक मत देना तुम दिल के दरवाजे पर
        
                                                    
                            
लौट रहा हूँ मैं, खड़े रहना दरवाजे पर

कहीं किसी आहट से चौकन्ना सबेरा
सूरज बेटा मुंह धो रहा है दरवाजे पर

शोरगुल में कहीं खो गया दोपहर हमारा
धूप हवा अंदर आने हैं तेरे दरवाजे पर

डूब रहा मैदान समुन्दर पहाड़ के पीछे
रात से बहस जारी है मेरे दरवाजे पर

पत्तों वाली टहनियां बहाना ढूंढ रही हैं
मत रखना पहरेदार बंद दरवाजे पर

- मनीष यादव
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4 वर्ष पहले
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