विज्ञापन

भारत माता की नारी स्वरूप

Manish Patel

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम सुन्दर हो नारी, सुकोमल हो नारी, मेरी भारत माता तुम सबसे हो प्यारी
        
                                                    
                            

सिर पे हिमालय मुकुट बनके आया
हमारे लिये तूने पहरा बिठाया
नाको की नथिया ये तेरा हिमांचल
झारखण्ड- छत्तिसगढ़ तेरे है आंचल
होठों पे बैठी है दिल्ली तुम्हारी
तुम सुन्दर हो नारी, सुकोमल हो नारी, मेरी भारत माता तुम सबसे हो प्यारी

ये माथा है तेरा ये कश्मीर तेरा
जिसे देखकर भाग जाये अंधेरा
हरियाणा बाजू तो पंजाब बंध है
उड़ीसा से राजस्थान लगता वसन है
दाहिने हाथ त्रिशुल है गुजरात तेरी
तुम सुन्दर हो नारी, सुकोमल हो नारी, मेरी भारत माता तुम सबसे हो प्यारी

उत्तराखण्ड माता के कानो की बाली
उत्तर प्रदेश लगता है दिल है तुम्हारी
बिहार से बंगाल तेरी हाथ आई
सिक्किम है कंगन,तो आसाम कलाई
मेघालय हथेली है हाथो की तेरी
तुम सुन्दर हो नारी, सुकोमल हो नारी, मेरी भारत माता तुम सबसे हो प्यारी

अरुणांचल-नागालैण्ड, मणिपुर की बारी
त्रिपुरा - मिजोरम, पाँच उँगली तुम्हारी
मध्यप्रदेश माता , ये तेरा उदर है
कर्नाटक - आन्ध्रा पैर , तेरा सुन्दर है
महाराष्ट्र -तेलंगाना, कमरबन्ध है तुम्हारी
तुम सुन्दर हो नारी, सुकोमल हो नारी, मेरी भारत माता तुम सबसे हो प्यारी

पायल है गोवा ये सुन्दर माँ तेरी
पुडुचेरी लगती है वैसी सुनहरी
तमिलनाडु , पावों का पंजा है माता
खड़ाऊ है केरल जो खूब है सुहाता
लक्षद्वीप-निकोबार माता दासी तुम्हारी
तुम सुन्दर हो नारी, सुकोमल हो नारी, मेरी भारत माता तुम सबसे हो प्यारी

दमनदीव दादर ये फूलों की माला
चण्डीगढ़ मस्तक पर लाये उजाला
लद्दाख माता सिर पे मोती तुम्हारी
हम बालक है तेरे तुम हो माता हमारी
तुम सुन्दर हो नारी, सुकोमल हो नारी, मेरी भारत माता तुम सबसे हो प्यारी

विश्व में तूने है नाम कमाया
तेरे सामने सबने सिर को झुकाया
तुम माता हो सीता हम लक्ष्मण है तेरे
तेरे कुटिया बाहर लगाते है फेरे
ये गंगा की धारा है दूध तेरी
तेरे पैर धोती समुन्दर ये सारी
तुम सुन्दर हो नारी, सुकोमल हो नारी, मेरी भारत माता तुम सबसे हो प्यारी
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all