विज्ञापन

नंबर वन कानपुर

Maninder Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सुना है कानपुर की सड़कों पर, अब विकास दौड़ रहा है,
        
                                                    
                            
गड्ढों से बचकर आम आदमी रिकॉर्ड तोड़ रहा है।
नगर निगम के अफ़सरों की प्लानिंग भी कुछ कमाल है,
सड़क आज बनी, कल खुदी, अस्पताल भी तैयार है!
ट्रैफिक पुलिस का रुतबा भी कुछ न्यारा है,
बड़ा चौराहा, पर जब देखो, जाम का नज़ारा है।
ई-रिक्शा की मस्तानी चाल पर सिंघम भी फेल हैं,
लगता है सड़कों पर नियमों का नहीं, बस किस्मत का खेल है!
केडीए के अफ़सर भी कुछ कम नहीं, नक्शे में व्यस्त हैं,
अतिक्रमण कैसे हटाएँ, इसी गहरी सोच में मस्त हैं।
स्मार्ट सिटी का तमगा लेकर, शहर हमारा मुस्काता है,
पानी की एक बूंद गिरते ही, वीआईपी रोड डूब जाता है।
अधिकारियों की मीटिंग में चाय-समोसे का दौर चलता है,
पर जनता का काम, बाबूजी की फाइल में पलता है।
अरे अफ़सरों! कभी गाड़ियों का सायरन, बंद करके देखो,
इस 'मैनचेस्टर ऑफ ईस्ट' के नागरिक का दर्द समझकर देखो।
काम कागज़ों से निकलकर, जब हकीकत की ज़मीन पर आएगा,
तभी तो हमारा प्यारा कानपुर, असल में नंबर वन कहलाएगा!
4 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Pandey

461 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10782 कविताएं

View Profile