ये "मां" शब्द ऐसा है
इसके बाद कोई
शब्द ही नहीं
जैसा है
"मां" शब्द
जब हम कहते हैं
ना उसके पहले
कुछ कहते हैं
ना अंत में
कुछ कहते हैं
एक दम संपूर्ण
परिपूर्ण हो जाते हैं।।
-ममता तिवारी