फूल न होते मालाएं कहां से बनती।
एहसास न होते कविताएं कहां से बनती।
फूलों का होना जरूरी है मालाओं के लिए।
एहसास का होना जरूरी है कविताओं के लिए।।
-ममता तिवारी