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दीया हूँ:.......बुझ जाऊं कैसे

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वक्त की तपिश से थक जाऊं कैसे।
        
                                                    
                            
मैं जलता हुआ दीया हूँ बुझ जाऊं कैसे।।

-ममता तिवारी
2 घंटे पहले
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