खामोश किताबों ने
यह बहुत अच्छे से
समझा दिया है कि
बिना शोर किए
खुद भी और दूसरों को भी
ऊंचा उठाया जा सकता है।।
किताबों में जो सुकून मिलता है।
कहां किसी दुकानों में बिकता है।।
-ममता तिवारी