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ये सच है

mamta singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाह कर भी न कुछ कह सकी है,
        
                                                    
                            
बात जो होंठों पे आ कर रुकी है।
तुम चाहे जो कहो मगर ये सच है,
रात वो अब तक मेरे घर रुकी है।
2 वर्ष पहले
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