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मरहम हो जाती है

mamta singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल रोता है तो आंखें नम हो जाती है,
        
                                                    
                            
कुछ टीसें तो ऐसे ही कम हो जाती है
अक्सर दर्द दे जाती है बातें मीठी-मीठी,
कही तो कड़वी बातें भी मरहम हो जाती है।
2 वर्ष पहले
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