विज्ञापन

डूबते सूर्य को दिखा

Mamta kumari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            डूबते सूर्य को देखा,
        
                                                    
                            
दिल में एक अहसास जगा।
जब दिन का प्यासा राहगीर,
थक-हार कर घर आया।
थकान मिटाने की खातिर,
अन्न का निवाला पाया।
सवेरे की आशा लेकर,
निद्रा में वह खो गया।
शैशवावस्था में दिनकर को,
फिर से उसने पाया।
नयी उमंग, नयी आशा-किरण,
मन में दीप जलाया।
गृह-त्याग कर, आशा को संग लेकर चला,
एक नए सवेरे का, नया दृश्य बना।
एक माँ ने बच्चे को, दाना प्रेम से खिलाया,
उस वात्सल्य दृश्य को देख,
मन में दीपक जगाया।
डूबते सूर्य को देखा,
दिल में एक अहसास जगा।
-ममता चौधरी
7 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile