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हर शख्स यहां परेशां सा है

Mamta Khurana

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            
हर शख्स यहाँ परेशां सा है
कोई महफ़िल से तंग तो कोई तन्हा यहाँ है।

कुछ तो दिल में गम का सामान है
जो ढूंढे हर कोई नया आसमां कहाँ है?

मिल जाये जो सब कुछ ख्वाइशों से
बताये कोई वो जरिया कहाँ है?

जो तेरा है वो किसीका ख्वाब था
सब ख्वाब पूरे हो वो जन्नत कहाँ है?

- ममता खुराना
2 वर्ष पहले
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