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उड़ान बाकी है

mamta devi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अभी तो खोल हैं पंख अपने,
        
                                                    
                            
अभी तो हौसलों की उड़ान बाकी है,
अभी तो उड़ान बाकी है|

अपने पंखों में समेट तू जहां को ऐसे,
अभी तो पूरा आसमान बाकी है,
अभी तो उड़ान बाकी है|

अगर आलस में रुक गया तू कहीं,
तू समझने के लिए जितना किया उतना ही काफी है,
एक बार जोश से भर ली उड़ान,
फिर तो तेरी एक उड़ान काफी है,
अभी तो उड़ान बाकी है|
2 वर्ष पहले
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