आज फिर से दिल में हलचल हुई,
उनसे रूबरू न हो सके चाह कर भी,
इस बात पर थोड़ी हसरत हुई।
मगर बातों का सिलसिला फिर से शुरू हुआ,
एक लंबे अरसे के बाद,
मेरे खुदा की मुझ पर ये बड़ी नेमत हुई।