भाषा जाति धर्म के सम्मान में
माता ने अनुदान दिया
अब! क्षितिज हमारा मांगते हो
युवाओं को बरगलाते हो
जो आग लगी सन सैंतालीस में
चिंगारी अभी तक बाकी है
सरहदों पर बारूदों की
मनती ईद और दिवाली है
कहते है जो लोग
हिंदी-चीनी भाई -भाई हैं
जो आग लगी सन बासठ में
डोकलाम में अभी तक बाकी है
बहुत हुआ सम्मान अब
सिर का ताज चाहते हो
संतो की इस धरती पर
रक्तपात करना चाहते हो
भाषा जाति धर्म के केंद्र
सिर का ताज मांगते हैं
कहे वसुंधरा बिगुल बजा के
भगत सिंह अभी भी ज़िंदा है!!!
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