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आशा के दीप

Madhav Patel

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अगर हो राह कठिन
        
                                                    
                            
फिर भी कदम बढ़ाना
जब छाये घना अंधेरा
आशा के दीप जलाना

कर स्वयं पर विश्वास तुम
नई कहानी गढ़ते जाना
कदम छोटे छोटे से ही सही
मंजिल की ओर बढ़ते जाना

राह की चुनौतियों से
कभी तुम न घबराना
लगे जो ठोकर कभी तो
गिरकर सम्भल जाना
- माधव पटेल
एक घंटा पहले
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