दिल के ज़ख्मों को अब अल्फ़ाज़ बनाया जाएगा,
हर टूटे ख़्वाब को क़िस्सा सुनाया जाएगा।
जिन दर्दों को छुपाया है दुनिया की नज़रों से,
उन्हीं दर्दों से मेरा एक नया दौर लिखा जाएगा।
— माधव चकोलकर