विज्ञापन

बुद्ध–वाणी

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बुद्धम् धम्मम् संघम् रतनतय शाक्यमुनि बुद्धस्स
        
                                                    
                            
दुःख समुदय निरोध मार्ग अरियो सत्त चर्य।

प्रज्ञा सम्मा दिट्ठि सम्मा संकप्पो
शील सम्मा वाणी सम्मा कर्म सम्मा आजीवो।
समादि सम्मा व्यायाम सम्मा स्मत्ति सम्मा समादि
अर्हतो सुकीति सम्मा सम्बुद्धस्स अरियो अट्ठंगिको मग्गो।

महापजापति गौतमी खेमा नागणिका भिक्खुणी
अम्बपालिका संघमित्रा महारानीदेवी भिक्खुणी।
असंधिमित्रा भद्दकच्चान किसागौतमी चारुमति
कारुवाकी पद्मावती सुजाता तारादेवी भिक्खुणी।

पद्मसम्भव अवलोकितेश्वर क्षितिगर्भ पद्मपाणि इति बुद्धम्
आकाशगर्भ सदापरिभूतो मंजुश्री वजीरापाणि इति बुद्धम्।
कोण्डिन्य रागोरा सोंजा हयग्रीवा बुद्धनाथ विट्ठला तिरुपति
वृहदेश्वर सामंतभद्द मैत्रेय अमितायस्स गणपति इति बुद्धम्।

एस धम्मो सनंतनो! भवतु! भवतु सब्ब मंगलम्
साधो! साधो! साधो! भवतु! भवतु सब्ब मंगलम्।
ञमो तस्स बुद्धावली!
3 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7573 कविताएं

View Profile