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सर ज़मी पंजाब की

Laxmi Kalyaan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सर ज़मी पंजाब की
        
                                                    
                            

यह सर ज़मी पंजाब की,
यह धरती पांच दरियाओं की,
यह धरती गुरु नानक की,
यह धरती तेग बहादुर की,
यह धरती गुरु गोविंद सिंह crकी,
जिन्होंने हिंदुस्तां को मुगलों से बचाया।
यह सर ज़मी पंजाब की।

यह सर ज़मी माता गुजरी की,
धन्य है! माता गुजरी-
जिन्होंने अपने चारों लाल,
देश के लिए,
कुर्बान कर दिए।
दो देश के लिए कुर्बान किऐ,
दो को जिंदा दीवार में,
चिनवा दिया।
यह सर ज़मी बलिदानों की।
यह सर ज़मी पंजाब की।

धन-धन गुरु गोविंद सिंह जी,
जिन्होंने हिंद की लाज रखी।
यह सर ज़मी शहीद भगत सिंह की,
जिन्होंने हंसकर,
फांसी के फंदे चुमें।
यह धरती लाला लाजपत राय की,
जिन्होंने सिर पर लाठियां खाई और शहीद हो गए।
यह धरती उधम सिंह की,
जो खुशी से फांसी चढ़ गए।
यह सर ज़मी पंजाब की।

यह सर ज़मी सूफी संतों की,
फकीरों की मस्तानों की,
यह धरती बाबा फरीद की,
यह धरती बुल्ले शाह की।
यह सर ज़मी पंजाब की।

यह सर ज़मी पंजाब की,
यह धरती प्रेमियों की।
यह धरती हीर-रांझें की,
यह धरती सोहनी- महिवाल की,
यह धरती ससी-पुन्नू की,
यह धरती मिर्जा-साहिबा की,
यह धरती शीरी-फरहाद की।
यह सर ज़मी पंजाब की।

यह धरती वीरों के बलिदानों की,
मेहनतकश किसानों की,
अलबेलों की मस्तानों की,
यह सर ज़मी पंजाब की ,
यह सर ज़मी पंजाब की।

लक्ष्मी कल्याण डमाना,
राजपुर एक्सटेंशन,
छतरपुर, नई दिल्ली।सर ज़मी पंजाब की

यह सर ज़मी पंजाब की,
यह धरती पांच दरियाओं की,
यह धरती गुरु नानक की,
यह धरती तेग बहादुर की,
यह धरती गुरु गोविंद सिंह की,
जिन्होंने हिंदुस्तां को मुगलों से बचाया।
यह सर ज़मी पंजाब की।

यह सर ज़मी माता गुजरी की,
धन्य है! माता गुजरी-
जिन्होंने अपने चारों लाल,
देश के लिए,
कुर्बान कर दिए।
दो देश के लिए कुर्बान किऐ,
दो को जिंदा दीवार में,
चिनवा दिया।
यह सर ज़मी बलिदानों की।
यह सर ज़मी पंजाब की।

धन-धन गुरु गोविंद सिंह जी,
जिन्होंने हिंद की लाज रखी।
यह सर ज़मी शहीद भगत सिंह की,
जिन्होंने हंसकर,
फांसी के फंदे चुमें।
यह धरती लाला लाजपत राय की,
जिन्होंने सिर पर लाठियां खाई और शहीद हो गए।
यह धरती उधम सिंह की,
जो खुशी से फांसी चढ़ गए।
यह सर ज़मी पंजाब की।

यह सर ज़मी सूफी संतों की,
फकीरों की मस्तानों की,
यह धरती बाबा फरीद की,
यह धरती बुल्ले शाह की।
यह सर ज़मी पंजाब की।

यह सर ज़मी पंजाब की,
यह धरती प्रेमियों की।
यह धरती हीर-रांझें की,
यह धरती सोहनी- महिवाल की,
यह धरती ससी-पुन्नू की,
यह धरती मिर्जा-साहिबा की,
यह धरती शीरी-फरहाद की।
यह सर ज़मी पंजाब की।

यह धरती वीरों के बलिदानों की,
मेहनतकश किसानों की,
अलबेलों की मस्तानों की,
यह सर ज़मी पंजाब की ,
यह सर ज़मी पंजाब की।
-लक्ष्मी कल्याण डमाना
 
2 महीने पहले
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