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सबक-ए-जि़दगी

Lakshmi Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दरअसल जो गुज़ारी न जा सकी हमसे।
        
                                                    
                            
असल में वो ज़िंदगी थी ही नहीं।।
वो तो इक 'सबक-ए-जि़दगी' थी।
3 महीने पहले
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