विज्ञापन

मिशन चंद्रयान

Kulshreshth Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            भारत ने सोमवार को छोड़ा था वो चंद्रयान।
        
                                                    
                            
जिसे देखकर पाकिस्तान की फट गई आंख फट गए कान।।

ये भारत और इसरो की आन ओर शान का सवाल है।
चंद्रयान 2 तो पहुंच गया चंद्रयान 3 अभी बाकी है।।

भारत ने अपने कार्य को पहुंचाया ऊंचे स्तर पर ।
नाम भारत का उज्ज्वल हो यही कामना हर घर पर।।

भारत के इसरो को बनाया साराभाई विक्रम ने।
और आगे इसे बढ़ाया अपने कलाम चाचा ने।।

भारत का सम्पूर्ण ज्ञान तकनीकी पर आधारित है।
चंद्रयान 2 तो पहुंच गया चंद्रयान 3 अभी बाकी है।।

साराभाई विक्रम ने की थी इसरो की स्थापना।
पाकिस्तान के सुपार्कों को भी पड़ेगा भारत के सामने काँपना।

भारत ने पहली कामयाबी से पहुंचाया मिशन मंगल।
आज भारत कहां पर है देख सूरज गगन मंडल।।

भले ही टूट गया सम्पर्क हमारा विक्रम लैंडर से ।
नही होता विश्वास तो करलेंगे दो दो हाथ कुश्ती से।।

नहीं सिखाया हमारे शिशु मंदिर ने अपना जीवन दूसरो पर सौंप दो।
जो बना बंधक हमारे मार्ग में बस गर्दन पकड़ो ओर वहीं निचोड़ दो।।

जिसे पाला था 1947 के पहले वो पाकिस्तान क्या कर पायेगा
दम है तो रोक कर बतादो ये चंद्रयान फिर से जाएगा।।

अमेरिका रूस चीन इन्होंने बहुत करलीं अपनी तैयारी।
अब चाँद पर इतिहास रचने की आ गयी हैं बारी हमारी।।

नहीं रुकेंगे नहीं थकेंगे चाँद पर पानी की खोज करके आएंगे।
और ये बंदा कुलश्रेष्ठ कहता है चाँद पर प्लॉट काट कर आएंगे।

भारत माता की जय

- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10736 कविताएं

View Profile