शीर्षक- हमारी पाठशाला
हुआ सवेरा जागे हम,
उठकर सीधे भागे हम।
स्कूल में पहुँचे लेट तो,
टीचर ने फिर मारे हम।
पहला पीरेड एस एस टी,
नहीं आती हमको हिस्ट्री।
सर ने पूछा अकबर कौन,
हमने बोला अंग्रेजों का डॉन।
अगला पीरेड कंप्यूटर का आया,
देख के सर को शोर मचाया।
सरजी को फिर गुस्सा आया,
डंडे से सबका बैंड बजाया।
रोते-रोते चुप न हो पाये,
साइंस के टीचर तब-तक आये।
प्रेक्टिकल कोई हमको न आते,
फिर भी जाने क्यों करवाते।
अब आयीं टीचर हिंदी की,
निकालें गलतियाँ बिंदी की।
मैथ में पूछा एक सवाल,
सब बच्चों का हाल-बेहाल।
हो गयी छुट्टी जाएंगे घर,
कल फिर आने का है डर।
पिटते रहेंगे हम तो रोज,
कैलेंडर में रहेगी अखबार की खोज।
आशीष यादव (कक्षा-7)
ट्यूलिप पब्लिक स्कूल
एटा, उत्तर-प्रदेश
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