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नमक की बोरी

Kuldeep Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वर्ष 2000 के पहले,
        
                                                    
                            
किराना की दुकान में,
बाहर की तरफ
20 से 50 बोरियां,
नमक के डेले की,
दूर से दिखाई देती थी।
लोग-बाग पांच से दस किलो,
नमक के डेले खरीद लेते थे,
थोड़े नमक मे स्वादानुसार,
हरी धनिया , मिर्च, लहसुन,
मिलाकर पीस लिया जाता था,
फिर वही पिसा नमक हफ़्तों,
रोटी सब्जी दाल में मिलाकर,
खाने का स्वाद बढ़ाता था।
90 के दशक में अचानक,
रेडियो पर आकाशवाणी से,
आयोडीन नमक खाने का,
संदेश प्रसारित होने लगा,
आयोडीन की कमी से,
घेंघा रोग होने की जानकारी,
रेडियो से आकाशवाणी देती रही।
अब डेली वाला नमक,
ढूंढने से गिनी चुनी,
दुकानों पर मिलता है।
घेंघा रोग का सफाया,
पूर्ण रूपेण हुआ या नहीं।
दुकानों पर नमक के पैकेट,
जरुर मिलते हैं -जरुर मिलते हैं।
-कुलदीप शुक्ला
2 महीने पहले
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