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अधूरे सपने

Kulbhushan Choudhary

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अधूरे सपने
        
                                                    
                            
सपने ले लो सपने,
बचपन से देखता आया हूं,
सहेजता आया हूं,
ये किसी के नहीं,
ये हैं मेरे अपने,
बस याद धुंधली सी है,
इसलिए जरा चटपटे बनाने की खातिर,
मसाला लगा कर बेचने आया हूं,
ले लो बच्चे ये वाली कैंडी,
हमारे जमाने में संतरे की तुरी थी,
देखो मैं चॉकलेट लगा कर लाया हूं,
ले लो नौजवान ये वाला रूमाल,
हम तो स्कार्फ गले में लगाते थे,
मैं इसे टाई बना कर लाया हूं,
एक बार लगाओ,
हम तो जीरो रह गए,
तुम हीरो बन जाओगे,
एक ने पूछा,
आपके पास समय है,
मुझे थोड़ा खरीदना है,
मैने कहा नहीं भाई समय मेरे पास नहीं है,
उस वक्त हम सोते रहते थे,
सपने ही देखते रहते थे,
इसीलिए सपने ही हैं मेरे पास,
हम सो कर देखा करते थे,
तुम जागती आंखों से देखो,
विश्वास दिलाता हूं सफल हो जाओगे,
क्योंकि हम जैसे असफल के पास ही तो,
सफलता के नुस्खे मिलेंगे,
इसलिए सफल होने के सपने ले लो.
-कुल भूषण 
 
3 वर्ष पहले
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