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मां की ममता और सृजन के बीज

Krishna Yadav

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब धरती विरान हो जाएगी
        
                                                    
                            
और कुछ भी नहीं बचा रहेगा
तब भी बची रहेगी मां और उसकी संवेदना
बची रहेगी वात्सल्य की कुछ बूंदें...
जिसका स्पर्श पाकर
बीज पुनः अंकुरित होंगे
कोंपले पल्लवित होंगे।
- कृष्णा यादव
2 वर्ष पहले
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