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प्रकृति और भाव

kavyanshi srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चांद उगा है
        
                                                    
                            
बादलों के पार से
आकाश मौन

वर्षा रात में
अश्रु साथ बहते
अधर मौन

हरित धरा
पावस चहुंओर
हृदय  शांत

प्रसून खिले
प्रेम लता लिपटी
प्रसन्न मन

-काव्यांशी श्रीवास्तवा
11 घंटे पहले
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Ankit Kahar

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