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अजीब कश्मकश में है

Kavita Bedi

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                            अजीब कश्मकश में है
        
                                                    
                            
हस्ती मेरी,,,
समंदर में हूंँ
बुझती नहीं प्यास मेरी!
-कविता श्री
3 महीने पहले
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