तुम करो तो,सही हो तुम
अगर हम करें,तो हैं गलत।
लापरवाह हवा जैसा है,हमारा मन
और तुम्हारा मन है,नियम की क़िताब।
सच कहें,तो बोलोगे
बहुत बोलते हो तुम।
शीशे जैसा है हमारा दिल और
रूठने से हों जाते हैं हम ही ख़राब।
तुम झूठ को भी सच बनालोगे,
ऐसा है तुम्हारा,होशियार दिमाग़।
तुम कहो,तो मर के भी दिखा देंगे,
उसे भी कह देना,बस ये इक मज़ाक।