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क्या है गुनाह यार बताया न जाएगा

कवि Suraj

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्या है गुनाह यार बताया न जाएगा
        
                                                    
                            
तू साँस में बसी है भुलाया न जाएगा

तेरा कसूर कुछ नहीं फिर भी ये सोच कर
तुझसे किया था वादा बताया न जाएगा

हम पिंजरे को खोल परिंदे उड़ा रहे
बंधक किसी को भी बनाया न जाएगा

खाई कसम थी संग जो जीने की ए खुदा
तस्वीर को गले भी लगाया न जाएगा

मेरे रकीब तू ही बता तुझसे क्या कहूँ
अब बोझ जिंदगी का उठाया न जाएगा
-सूरज तिवारी
2 महीने पहले
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