ज़िंदगी हर मोड़ पर कुछ नया सिखा जाती है,
हर कदम पर एक नया किस्सा सुना जाती है।
हर लम्हा हमें जीना सिखा जाती है,
फिर क्यों शिकवा करें इस ज़िंदगी से,
हर राह पर एक नई मंज़िल दिखा जाती है।
मिट्टी की खुशबू भी तो बारिश से आती है,
ज़मीन को भी तो आसमान की चाह होती है।
बारिश भी तो अपना दर्द ज़मीन को सुना जाती है,
हर कश्ती कहाँ डूबने से बच पाती है,
फिर भी जीने का हौसला सिखा जाती है।
ज़िंदगी हर कदम पर कुछ नया सिखा जाती है,
हर लम्हा हमें जीना सिखा जाती है,
आख़िर जीना सिखा ही जाती है।