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चंदा भी करता नहीं जीवन में आराम

कमलेश कुमार

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जीवन में आराम का, कहीं न कोई रूप ।
        
                                                    
                            
कहीं सताती व्याधि है कहीं विरह की धूप ।

चंदा भी करता नहीं जीवन में आराम ।
सर्दी हो या ग्रीष्म हो, चलना उसका काम ।
एक महीने पहले
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