जो जुल्फों से घटा बरसे उसे अंगूरी कहते है ।
लवो से जो पिलाई है उसे सिंदूरी कहते हैं ।
तुम्हारे बिन धड़कता ही नहीं है दिल अरे सुन ले -
झुका ले देख कर नजरें उसे मंजूरी कहते हैं ।