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अगर रूठे रहोगे

कमलेश कुमार

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अगर रूठे रहोगे हम बहुत ही याद आएंगे ।
        
                                                    
                            
हमारे दिल के सारे ख़्वाब फिर बर्वाद जाएंगे।
अभी रखते नहीं हो तुम कोई मतलब जमाने से -
बुलाकर देख लो मिलने मुरादाबाद आएंगे ।
-कमलेश कुमार पाठक "अकेला"
एक महीने पहले
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