मौत का खौफ़ नहीं रखता हूं मैं
कफ़न साथ में रखता हूं मैं
तूफानों का रुख मोड़ देता हूं मैं
नींद दुश्मनों की उड़ा देता हूं मैं
मक्कारों को जूते की नोंक पर रखता हूं मैं
शेर-ए-जिगर रखता हूं मैं