विज्ञापन

तुझसे प्यार हो चला

Kamal Kishore

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क़ातिल तेरी यादों का अब इकरार हो चला,
        
                                                    
                            
हम पूछते रहे पता तेरा अब इनकार हो चला ।
चलाया तो था मेरे जिस्म पे भी खंज़र तूने,
चुपके से नज़रें मिली अब तुझसे प्यार हो चला ।
-के.के.कौशल
 
2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12618 कविताएं

View Profile

Nathuram Kaswan

8654 कविताएं

View Profile