खिल रहे फूल संग कलियां मुस्काई,
ऊपर बैठे भंवरे ने मीठी राग सुनाई।
काली घटा संग पावस ऋतु आई,
साथ में हरियाली और खुशहाली लाई।।
नाचे मोर पपेया कुके कोयल काली,
रिमझिम मेघा बरसे गाजे बादली काली।
खेतों में काम करे लोग लुगाई,
साथ में बाटी संग छाछ राबड़ी लाई।।
मूंग संग मोठ बाजरी बोई,
फलिया संग लोया और टिंडसी भायी।
गीत सुनाती कोयल काली ,
फूलो से भर जाती डाली।।
काली घटा संग पावस ऋतु आई,
साथ में हरियाली और खुशहाली लाई।।
कमल किशोर चिनियां
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