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मिट्टी भी लाई, पहाड़ भी लाई

kamal jha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मिट्टी भी लाई, पहाड़ भी लाई
        
                                                    
                            
अपने साथ कहर हज़ार ले आई।
आज गलियों में सैलाब उतर आया,
हर आँख में एक सवाल ले आई।
जो बारिश कभी सुकून देती थी,
आज वो तबाही की बहार ले आई।
—कमल किशोर झा 
5 घंटे पहले
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Deepak Sharma

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