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तेरे साथ, जी लेने दे!

Kaisar shekh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यह जो कुछ लम्हात मिले हैं मुजे तेरे साथ,
        
                                                    
                            
वह जी लेने दे,
कि कब रुक जाए मेरी सांसे,
कुछ पता ही नहीं,
यह तूने तय जो किया है, यह बिछड़ना हमारा,
दिल जो मानता नहीं था फैसला तेरा,
बड़ी मुश्किल से यह माना है,
कि तेरी खुशिया है जो बिछड़ने में,
तो मुझे भी बिछड़ना होगा,
यह जो थोड़ा सा वक़्त बचा हैं,
जी लेने दे!
कभी कर भी ले यकीन मेरे इश्क़ पर,
कि मेंने इश्क़ बेशुमार किया हैं तुझे,
चाँद ने कभी जाना ही नहीं,
कि चकोर उसका दीवाना हैं,
तू भी यह केसे माने कि यह चकोर भी,
दीवानी हैं तेरी,
तेरे लफ़्ज़ों के जो तीर हैं, सह लेते हैं हम मगर,
कुछ कम हो पाए तो बेहतर होगा,
गौर फरमाना कि कम हों पाए कहा हमने,
फूल बने लफ़्ज़ यह तो नहीं कहा,
सुकून से मरेंगे कि तेरे कुछ तो काम आए थे हम भी,
देख तुझे पाने कि ख़्वाहिश दिल में दफना के चलें हैं,
पर। यह जो थोड़ा सा वक़्त बचा हैं,
यह जो थोड़ा सा वक़्त बचा हैं,
जी लेने दे!
जी लेने दे!
3 महीने पहले
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