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पर मैं उसका।

Kaisar shekh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ना वो मेरा, पर मैं उसका,
        
                                                    
                            
ना वो मेरा, पर मैं उसका,
तो इसमें सवाल कैसा।
ना वो चाहता, पर मैं चाहता,
तो इसमें मलाल कैसा ।
वो जा चुका, पर मैं ठहरा,
तो इसमें कसूर किसका ।
अभी अभी तो खत्म हुआ हैं,
वो जो था इश्क़ उसको,
मेरा ठहरा इश्क़ तो,
तो दिल को मलाल कैसा ।
उसने खोया इश्क़ मेरा,
मैंने खोया खत्म हुआ था जो वह इश्क़,
तो इसमें नुकशान किसका।
तुम्हीं बताओ, औ सुनने वालों,
कसूर किसका, नुकशान किसका,
दास्ता ए इश्क़ जो खत्म हुआ,
अब सवाल कैसा , जवाब कैसा ।
2 महीने पहले
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