क्या करे, क्या न करे, क्या हम कमाना छोड़ दें।
तुम बोल दो जो, एक दफ़ा, तो क्या जमाना छोड़ दें।
तुम कहो तो रूठ जाऊँ, तुम कहो तो मान जाऊँ,,,,
तुम कहोगे तो भला क्या मुस्कुराना छोड़ दें।
जो तुम्हारा बैरी दुश्मन, वो किसी का दोस्त है,,,,
तो अपने भाई, दोस्त, संगी, हर घराना छोड़ दें।
ये दिल मेरा, धड़कन मेरा, और मन मिलन मेरा ही है,,,,
तो कौन हो, जो तेरी खातिर, दिल लगाना छोड़ दें।
साथ रहना तो रहो,,, और न भी रहना न रहो,,,,
पर हो नहीं सकता भला, संबंध निभाना छोड़ दें।
अब भला "जय" तुम बताओ,,, क्या सही, क्या है गलत,,,,,
क्या किसी गैरों की खातिर आशियाना छोड़ दें।