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प्यार और विश्वास

Jagdish chandra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            करो जो विश्वास, तो बस इतना अटल हो,
        
                                                    
                            
जो प्यार आज है, उससे बढ़कर कल हो।

सबसे आसान काम है मज़ाक उड़ाना,
एहतियात इतनी हो—मज़ाक में सबक हो।

रह सकता है प्यार अकेला, विश्वास नहीं,
नकल न हो प्यार में, विश्वास प्रबल हो।

जो आज अपना है, वो कल भी अपना हो,
दूरी कितनी भी हो, दिलों में हलचल हो।

जो दिल में है अपने, वही बातों में हो,
दुनिया में बस रिश्ता इतना सरल हो।

न दिखावा हो, न उधार का चलन हो,
प्यार ऐसा हो जिसमें अपना मन हो।
-जगदीश चंद्र कापड़ी
13 घंटे पहले
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